कैसे बनता है

पहली कॉल से छपे हुए तैयार थैलों तक — ऐसे होता है काम।

  1. आप ज़रूरत बताइए

    कॉल या व्हाट्सऐप कीजिए: क्या बेचते हैं, कितना भारी है, कितने थैले चाहिए।

  2. हम थैला और GSM सुझाते हैं

    आपके बजट और सामान के हिसाब से सही थैला और मोटाई बताते हैं।

  3. दुकान का नाम छापते हैं

    आपकी दुकान का नाम और डिज़ाइन बिल्कुल वैसा छपता है जैसा आप चाहें।

  4. थैले दुकान पहुँचते हैं

    ख़ुद ले जाइए, या हम पहुँचा दें — सीधे आपके काउंटर तक।

अपनी दुकान का नाम थैले पर आज़माइए

यह सिर्फ़ झलक है — असली छपाई का डिज़ाइन आपके साथ बैठकर बनता है।

आपकी दुकान
थैले का प्रकार
थैले का रंग

शुरू करें?

अक्सर एक छोटी-सी कॉल में ही समझ आ जाता है कि आपको क्या चाहिए।